CMO बोलीं- काम में हस्तक्षेप करते हैं परिषद अध्यक्ष पति:कहा- बिना काम के भुगतान का दबाव बनाते हैं; कलेक्टर से की शिकायत

डिंडौरी की नगर परिषद शहपुरा में प्रशासनिक विवाद सामने आया है। नगर परिषद की सीएमओ रीना राठौर ने 5 जून को कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को शिकायत सौंपी है। उन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष के पति अरुण अग्रवाल और भाजपा मंडल अध्यक्ष मोंटू लाल चक्रवर्ती पर कार्य में हस्तक्षेप, दबाव बनाने और शासकीय कार्यों में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है। इस शिकायत के बाद नगर की राजनीति और परिषद के कामकाज को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सीएमओ ने शिकायत में कहा है कि दोनों नेताओं द्वारा लगातार दबाव बनाकर विभिन्न कार्यों और भुगतानों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालयीन निर्णयों में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जाता है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। रीना राठौर का यह भी कहना है कि मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के कारण उन्हें स्वतंत्र रूप से कार्य करने में कठिनाई हो रही है। शिकायत में कई निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रियाओं और सफाई व्यवस्था से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया गया है। सीएमओ ने आरोप लगाया कि नियमानुसार प्रक्रिया पूरी किए बिना कुछ कार्यों के भुगतान कराने का दबाव बनाया गया। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद में कर्मचारियों की नियुक्ति और अन्य प्रशासनिक निर्णयों को लेकर भी दबाव बनाने की बात कही गई है। दूसरी ओर, नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी अग्रवाल ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि नगर विकास और जनहित के मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिन्हें व्यक्तिगत विवाद का रूप दिया जा रहा है।

डिंडौरी की नगर परिषद शहपुरा में प्रशासनिक विवाद सामने आया है। नगर परिषद की सीएमओ रीना राठौर ने 5 जून को कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को शिकायत सौंपी है। उन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष के पति अरुण अग्रवाल और भाजपा मंडल अध्यक्ष मोंटू लाल चक्रवर्ती पर कार्य में हस्तक्षेप, दबाव बनाने और शासकीय कार्यों में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है। इस शिकायत के बाद नगर की राजनीति और परिषद के कामकाज को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सीएमओ ने शिकायत में कहा है कि दोनों नेताओं द्वारा लगातार दबाव बनाकर विभिन्न कार्यों और भुगतानों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालयीन निर्णयों में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जाता है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। रीना राठौर का यह भी कहना है कि मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के कारण उन्हें स्वतंत्र रूप से कार्य करने में कठिनाई हो रही है। शिकायत में कई निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रियाओं और सफाई व्यवस्था से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया गया है। सीएमओ ने आरोप लगाया कि नियमानुसार प्रक्रिया पूरी किए बिना कुछ कार्यों के भुगतान कराने का दबाव बनाया गया। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद में कर्मचारियों की नियुक्ति और अन्य प्रशासनिक निर्णयों को लेकर भी दबाव बनाने की बात कही गई है। दूसरी ओर, नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी अग्रवाल ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि नगर विकास और जनहित के मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिन्हें व्यक्तिगत विवाद का रूप दिया जा रहा है।